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उन्हें जो इतना यकीं

उन्हें जो इतना यकीं, हम बेवफा ही सही
मेरे दिल में रहते है, फखत खफा ही सही
उनकी नजरो में है, अब तलक वो जादू
मेरी रूह को उसके बदन की सजा ही सही
साकी को भी है सफ़क, मेरे मैखाने का
मय मय ना सही, मेरे दिल की दवा ही सही
हमने ताउम्र की है, इबादत जिसकी
तेरी नजरो में, मोहब्बत जफा ही सही
तुम इन हुस्न वालो को ना समझ पाए ‘शादाब’
ऐ इलाही, क़त्ल करना इनकी अदा ही सही !!!


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