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जब उसकी धुन में रहा करते थे

हम भी चुप चाप जिया करते थे,
आखों में प्यास हुआ करती थी,
दिल में तूफ़ान उठा करते थे,
लोग आते थे गजल सुनने,
हम उसकी बात किया करते थे,
सच समझते थे उसके वादों को,
रात दिन घर में रहा करते थे,
किसी वीराने में उससे मिलकर,
फूल खिला करते थे,
घर दीवार सजाने कि खातिर,
हम नाम उनका लिखा करते थे,
कल उनको देखकर याद आया,
हम भी कभी मोहब्बत किया करते थे !!!


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