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कई ख्वाब मुस्कुराये

Sweet hug

कई ख्वाब मुस्कुराये सरे-शाम बेखुदी में
मेरे लब पे आ गया था तेरा नाम बेखुदी में !

तेरे गेसुओ का साया है के शामे-मैकदा है
तेरी आँख बन गयी है मेरा जाम बेखुदी में !

कई बार चाँद चमके तेरी नर्म आहटों के
कई बार जगमगाए दरो-बाम बेखुदी में !

जिसे ढूँढती रही है मेरी बेक़रार आँखें
मेरे दिल ने पा लिया है वो मकाम बेखुदी में !

वो ख्याल कौन सा है कि बना हुआ है पैकर
किसे "नक्श" कह रहा हूँ मै सलाम बेखुदी में...!!!


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